
NEET फर्जीवाड़ा: लखीसराय पहुंचे EOU के DIG, जांच में आएगा बड़ा खुलासा!
खबर का विवरण:
21 जून 2026 को लखीसराय में आयोजित नीट यूजी री-एग्जाम के दौरान डमी परीक्षार्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला उजागर हुआ। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार कर रही है। अब तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में मेडिकल छात्र, डमी परीक्षार्थी और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों स्वयं लखीसराय पहुंचे और जांच की समीक्षा की। विशेष अदालत से मिली 72 घंटे की रिमांड के दौरान सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। जांच में मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद डमी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंचे। जांच का फोकस इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और वित्तीय नेटवर्क तक पहुंचने पर है। EOU यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में किसी परीक्षा केंद्र, बायोमेट्रिक एजेंसी या अन्य लोगों की मिलीभगत थी। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद EOU अपनी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों और न्यायालय को सौंपेगी।