पटना : बिहार अवॉर्ड सेरेमनी 2026 के लिए जारी पुरस्कारार्थियों की सूची में लखीसराय निवासी अधिवक्ता रवि कुमार का चयन प्रतिष्ठित अष्टावक्र पुरस्कार के लिए किया गया है। यह पुरस्कार दिव्यांगजनों के बहुआयामी कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। आयोजकों द्वारा जारी सूची में रवि कुमार का क्रमांक 26 है। सूची में उन्हें Supreme Court of India के Advocate के रूप में दर्ज किया गया है। दिव्यांगजनों के अधिकार, सामाजिक समावेशन और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है।
कानून और शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत पृष्ठभूमि
रवि कुमार ने National Law University Delhi (NLU Delhi) से LL.M. की पढ़ाई पूरी की है। इसके अलावा उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से M.A. (Economics) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वे The Indian Law Institute (ILI), New Delhi से Ph.D. in Law की पढ़ाई कर रहे हैं। कानून और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं कल्याण से जुड़े विषयों को कानूनी और अकादमिक दृष्टिकोण से समझने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है।
27 अगस्त को पटना में होगा समारोह
बिहार अवॉर्ड सेरेमनी 2026 का आयोजन 27 अगस्त 2026, गुरुवार को पटना के राजमहल रिसॉर्ट, भगवत नगर, कुम्हरार में प्रस्तावित है। पुरस्कारार्थियों की सूची में विभिन्न क्षेत्रों से कुल 105 नाम शामिल हैं। इनमें खेल, सामाजिक सेवा, शिक्षा, पुनर्वास, कला-संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और दिव्यांगजन कल्याण सहित कई क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाना है।
अष्टावक्र पुरस्कार का विशेष महत्व
अष्टावक्र पुरस्कार का नाम भारतीय दार्शनिक परंपरा में वर्णित ऋषि अष्टावक्र से जुड़ा है। ऋषि अष्टावक्र को शारीरिक विविधता के बावजूद ज्ञान, आत्मविश्वास और बौद्धिक सामर्थ्य के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में दिव्यांगजनों के अधिकार और सम्मान के लिए काम करने वाले व्यक्ति को यह पुरस्कार दिया जाना विशेष महत्व रखता है। एक अधिवक्ता के रूप में रवि कुमार का सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कानून के माध्यम से दिव्यांगजनों के अधिकार, गरिमा, समान अवसर और सामाजिक समावेशन के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सकता है। रवि कुमार अष्टावक्र पुरस्कार के लिए चयन को दिव्यांगजनों के बहुआयामी कल्याण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दिव्यांगजनों के अधिकारों और सामाजिक सम्मान के लिए कार्य कर रहे लोगों के प्रयासों को भी प्रोत्साहित करने वाला है।






