लखीसराय अधिवक्ता ज्ञापन के तहत शनिवार को जिला विधिज्ञ संघ के दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्र हितों की रक्षा के लिए कई अहम मांगें उठाईं।

एडीएम नीरज कुमार से मुलाकात करते प्रतिनिधिमंडल
एडीएम नीरज कुमार से मुलाकात करते प्रतिनिधिमंडल फोटो: लखीसराय लाइव
▶ वीडियो देखने के लिए टैप करें
एडीएम को ज्ञापन देते प्रतिनिधिमंडल

पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

advertisement

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मुआवजे की मांग

अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई।

छात्रों पर लाठीचार्ज की जांच की मांग

ज्ञापन में हाल के छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का भी उल्लेख किया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।

▶ वीडियो देखने के लिए टैप करें
एडीएम नीरज कुमार के सामने अपनी मांग को रखते वकील

इन अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने वालों में रवि विलोचन वर्मा, रजनीश कुमार, राखी कुमारी, भारत कुमार यादव, राज कुमार, संजीत कुमार, श्याम कुमार सिंह, अरुण कुमार वर्मा, कपिल देव प्रसाद, ऋषिकेश कुमार, शिवम, ज्ञानोदय सोनी, धर्मेंद्र प्रसाद सिंह, रणजीत कुमार, राहुल, अरुण कुमार, शशांक कुमार, मनीष कुमार, आनंद राय, संदीप कुमार, जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।