लखीसराय। लखीसराय में जेल भरो आंदोलन के तहत सोमवार को जिला समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। डीवाईएफआई, एसएफआई, सीआईटीयू, अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर तथा दलित शोषण मुक्ति मंच के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की। धरना स्थल पर वक्ताओं ने मजदूरों, किसानों, महिलाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जेल भरो आंदोलन के तहत धरना प्रदर्शन
जेल भरो आंदोलन के तहत धरना प्रदर्शन फोटो: लखीसराय लाइव
advertisement

लेबर कोड रद्द करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों और लागू किए गए लेबर कोड को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

Image
फोटो: लखीसराय लाइव

किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी

किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सभी फसलों की खरीद सुनिश्चित करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग की। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने को लेकर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी गई।

▶ वीडियो देखने के लिए टैप करें
धरना प्रदर्शन करते संगठन के कार्यकर्ता

मानदेय कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

प्रदर्शन में मिड-डे मील वर्कर, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, ममता और आशा कार्यकर्ताओं समेत अन्य मानदेय कर्मियों के मुद्दे भी उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने इन कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा उनके अधिकारों और सुविधाओं में सुधार की मांग की। इसके अलावा बिजली सहित विभिन्न क्षेत्रों में जारी निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वन अधिकार कानून को सख्ती से लागू करने की मांग के साथ बिहार में बढ़ते अपराध और महिला अत्याचार की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की भी आवाज बुलंद की गई।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मजदूरों, किसानों, महिलाओं और आम जनता से जुड़े सवालों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 12 सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। लखीसराय में जेल भरो आंदोलन के दौरान समाहरणालय परिसर के आसपास काफी देर तक नारेबाजी का दौर चलता रहा। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।