लखीसराय। शिक्षक दिवस के अवसर पर मोहम्मद कमाल हसन अपने गुरु अरविंद कुमार भारती को कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के दौर में जब उनकी पढ़ाई रुकने की स्थिति बन रही थी, तब अरविंद कुमार भारती ने न केवल उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया, बल्कि अपनी ओर से आर्थिक सहयोग भी किया। कमाल हसन का कहना है कि उनके गुरु के प्रोत्साहन ने उनकी शिक्षा की राह को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2006-07 के आसपास मोहम्मद कमाल हसन लखीसराय में वैज्ञानिक, नवाचारी और आविष्कार संबंधी कार्यों को लेकर सक्रिय थे। बालिका विद्यापीठ चौक के समीप उनकी नेशनल इंजीनियरिंग वर्कशॉप नाम से एक छोटी दुकान थी, जहां कृषि उपकरणों की मरम्मत का काम किया जाता था। इसी दौरान वे नए-नए प्रयोग और आविष्कार से जुड़े विचारों पर भी काम कर रहे थे। कमाल हसन बताते हैं कि उस समय वे अपने कई विचारों को स्वयं लिखित रूप में दर्ज नहीं कर पाते थे। ऐसे में वे प्रोफेसरों और शिक्षकों से संपर्क करते, अपने विचार उन्हें समझाते और शिक्षक उन विचारों को लिखित रूप देने में उनकी मदद करते थे। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात अरविंद कुमार भारती से हुई। उस समय भारती लखीसराय महिला विद्या मंदिर में संगीत शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।

आर्थिक मुश्किल में गुरु ने बढ़ाया मदद का हाथ
उस समय कमाल हसन आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे थे। इसी दौर में अरविंद कुमार भारती ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमाल हसन के मैट्रिक पंजीयन का खर्च भी अपनी ओर से वहन किया। गुरु के प्रोत्साहन से कमाल हसन ने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद भी अरविंद कुमार भारती ने उनका साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए कमाल हसन का उत्साह बढ़ाया और पंजीयन में भी सहयोग किया। कमाल हसन ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद गुरु के लगातार प्रोत्साहन और मार्गदर्शन से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई भी पूरी की।

‘उनका योगदान जीवनभर याद रहेगा’
कमाल हसन कहते हैं, “अरविंद कुमार भारती जी का मेरे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। आर्थिक कठिनाइयों के समय उन्होंने मेरी पढ़ाई को रुकने नहीं दिया। उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया और अपनी ओर से सहयोग भी किया। उनके इस योगदान को मैं जीवनभर कृतज्ञता के साथ याद रखूंगा।” अरविंद कुमार भारती अब शिक्षण कार्य से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्ति के समय वे एक विद्यालय में प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। कमाल हसन का मानना है कि एक शिक्षक का सही समय पर दिया गया प्रोत्साहन किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदल सकता है।
सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हैं कमाल हसन
वर्तमान में मोहम्मद कमाल हसन सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, लखीसराय जिला के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। साथ ही वे बेगूसराय में ई-रिक्शा चलाकर अपना जीवन-यापन करते हैं। शिक्षक दिवस पर अपने गुरु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कमाल हसन कहते हैं कि उनकी शिक्षा की यात्रा में अरविंद कुमार भारती के प्रोत्साहन और सहयोग की अहम भूमिका रही। उनके अनुसार, गुरु का समय पर मिला विश्वास और हौसला किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन की बड़ी ताकत बन सकता है।






