लखीसराय के किऊल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर सामने आई इस घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया है। महिला अपने साथ तीन छोटे बच्चों को लेकर स्टेशन पहुंची थी, लेकिन कुछ ही देर बाद वह बच्चों को वहीं छोड़कर अचानक गायब हो गई। काफी देर तक जब महिला वापस नहीं लौटी तो आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना किऊल जीआरपी को दी।
एक स्कूल ड्रेस ने बढ़ाया पूरे मामले का रहस्य
जांच के दौरान सबसे अहम सुराग तब मिला, जब तीनों बच्चों में से एक ने व्यास डीएवी पब्लिक स्कूल, सावरा की स्कूल यूनिफॉर्म पहन रखी थी। इसी आधार पर पुलिस बच्चों की पहचान और उनके परिवार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इधर, इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीएवी पब्लिक स्कूल, सावरा हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के हाटकोटी क्षेत्र के समीप बताया जाता है। हालांकि, इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद बच्चों का संबंध उसी स्कूल या उस क्षेत्र से है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

क्या इतने दूर से लाए गए थे मासूम?
यदि जांच में स्कूल यूनिफॉर्म का यह सुराग सही साबित होता है, तो मामला और भी गंभीर हो सकता है। आखिर सैकड़ों किलोमीटर दूर से ये बच्चे किऊल जंक्शन तक कैसे पहुंचे? क्या महिला उनकी मां थी? अगर हां, तो उसने ऐसा कदम क्यों उठाया? या फिर बच्चों को किसी और मकसद से यहां लाया गया था? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस
जीआरपी स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। महिला की पहचान करने और उसके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बच्चों के परिजनों तक पहुंचने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस और बाल संरक्षण एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
ममता की हार या मजबूरी की इंतिहा?
यह घटना सिर्फ एक पुलिस केस नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल भी है। मां को दुनिया में सबसे सुरक्षित रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में तीन मासूम बच्चों का रेलवे स्टेशन पर अकेला मिलना हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति रही होगी, जिसने एक महिला को अपने ही बच्चों से दूर होने पर मजबूर कर दिया? या फिर कहानी कुछ और है? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल इंतजार सिर्फ सच का...
राहत की बात यह है कि तीनों बच्चे सुरक्षित हैं। लेकिन उनकी आंखों में अब भी किसी अपने के लौट आने की उम्मीद दिखाई देती है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। आखिर वह महिला कौन थी, तीनों बच्चे कौन हैं और किऊल रेलवे स्टेशन पर उन्हें छोड़ने के पीछे की असली वजह क्या थी? इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में ही सामने आ सकेगा।






