लखीसराय। बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा लागू की गई पेपरलेस एवं होम रजिस्ट्रेशन प्रणाली को लेकर लखीसराय में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद से जिले में अब तक एक भी जमीन का निबंधन नहीं हो पाया है। इसके विरोध में दस्तावेज लेखक (कातिब), मुंशी और स्टाम्प विक्रेता 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए। आंदोलन के कारण जिला निबंधन कार्यालय में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है। गुरुवार को दस्तावेज नवीस महासंघ, गया के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिला शाखा के अध्यक्ष एवं सचिव परमानंद प्रसाद सिन्हा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, मुद्रांक विक्रेता और कार्यालय से जुड़े कर्मियों ने थाना चौक स्थित जिला निबंधन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुरानी निबंधन व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की।

'नई व्यवस्था से खत्म हो जाएगा रोजगार'
संघ के सचिव परमानंद प्रसाद सिन्हा ने कहा कि सरकार का पेपरलेस निबंधन लागू करने का निर्णय हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यदि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी तो दस्तावेज लेखक, मुंशी और स्टाम्प विक्रेताओं की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी। इससे वर्षों से इस पेशे से जुड़े परिवार आर्थिक संकट में आ जाएंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार यदि नई व्यवस्था लागू करना चाहती है तो पहले प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करे। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक पुरानी निबंधन प्रणाली को जारी रखा जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी हो रही परेशानी
नई डिजिटल व्यवस्था को लेकर कई जमीन खरीदार और विक्रेताओं ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों के अधिकांश लोग अभी पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया, ई-साइन, डिजिटल दस्तावेज और तकनीकी औपचारिकताओं से परिचित नहीं हैं। इंटरनेट और तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई लोगों ने सुझाव दिया कि कुछ समय तक पुरानी और नई दोनों व्यवस्थाएं साथ-साथ संचालित की जाएं।
कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा
हड़ताल के कारण जिला निबंधन कार्यालय में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। निबंधन से जुड़ा कोई कार्य नहीं हो सका। निबंधन पदाधिकारी विशाल कुमार द्वारा पेपरलेस निबंधन संबंधी सूचना कार्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा कर दी गई है, लेकिन विरोध के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
सरकार का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था, लेकिन विरोध जारी
राज्य सरकार का कहना है कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था से जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचारमुक्त होगी। ऑनलाइन सत्यापन, ई-साइन और डिजिटल दस्तावेजों के माध्यम से लोगों को भविष्य में कार्यालयों के कम चक्कर लगाने पड़ेंगे। हालांकि लखीसराय में इस व्यवस्था को लेकर विरोध लगातार जारी है और हड़ताल के कारण अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। प्रदर्शन में अरुण कुमार सिन्हा, गोपाल कुमार, अर्जुन सिंह, मनोज सिंह, कृष्णनंदन सिन्हा, विनोद कुमार सिन्हा, दीपक कुमार सिन्हा, नरेश प्रसाद सिन्हा, सुरेंद्र यादव, पंकज कुमार, भोपाल यादव, शंभु कुमार सिन्हा, राजीव कुमार, रंजीत कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प विक्रेता मौजूद रहे। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो न केवल आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी, बल्कि सरकार को भी राजस्व का लगातार नुकसान उठाना पड़ सकता है।






