लखीसराय जिले के कवैया थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। एसटीएफ पटना से मिली गुप्त सूचना के आधार पर कवैया थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर बाप-बेटे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई की शाम एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नया बाजार स्थित मकुना वार्ड संख्या-29 में एक व्यक्ति अपने घर से अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ और कवैया थाना की टीम ने रामेश्वर महतो के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक देशी पिस्टल, 70 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की। पूछताछ में रामेश्वर महतो ने हथियारों की खरीद-बिक्री की बात स्वीकार की और इस धंधे में अपने बेटे साकेत कुमार की संलिप्तता भी बताई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान मिले इनपुट पर पुलिस ने वार्ड संख्या-17 निवासी दुर्गा मंडल के घर भी छापेमारी की। वहां से 33 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि यह रकम हथियार और कारतूस की बिक्री के एवज में मिली थी। दुर्गा मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामेश्वर महतो, उनके पुत्र साकेत कुमार और दुर्गा मंडल के रूप में हुई है। बरामदगी में एक देशी पिस्टल, 70 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, 33 हजार रुपये नकद और चार मोबाइल फोन शामिल हैं। इस मामले में कवैया थाना कांड संख्या 280/26 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल
इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी करीब डेढ़ वर्षों से हथियारों की सप्लाई और खरीद-बिक्री के नेटवर्क से जुड़े थे। ऐसे में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं— . अगर डेढ़ साल से हथियारों का धंधा चल रहा था तो स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? . क्या पूरे नेटवर्क की जानकारी सिर्फ एसटीएफ को थी? . क्या इस कारोबार में और भी लोग शामिल हैं? . इन हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी और किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी? . क्या पहले भी जिले में हुई आपराधिक घटनाओं में इसी नेटवर्क के हथियार इस्तेमाल हुए हैं?

सबसे अहम बात यह है कि कार्रवाई एसटीएफ की सूचना पर हुई, जिससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि यदि एसटीएफ को सूचना मिल सकती थी, तो स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र इतने लंबे समय तक आखिर क्यों निष्क्रिय रहा? फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ में हथियारों की सप्लाई चेन और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।






