लखीसराय। जिले में लगातार अनुपस्थित एवं हड़ताल पर रह रहे 15 पंचायत सचिवों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम शैलेन्द्र कुमार ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने और सरकारी कार्यों को प्रभावित करने के आरोप में सभी 15 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी निलंबित पंचायत सचिवों का मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य बाधित हो रहे थे। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, राशन कार्ड से जुड़े कार्य, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का संचालन, मुख्यमंत्री एवं केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सहित पंचायत स्तर के दैनिक प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसके अलावा आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ रहा था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने बताया कि पूर्व में संबंधित पंचायत सचिवों को कार्यालय आदेश के माध्यम से 48 घंटे के भीतर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।

बावजूद इसके संबंधित कर्मियों ने आदेश का पालन नहीं किया और लगातार अनुपस्थित बने रहे। डीएम ने इसे सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता मानते हुए बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1976 तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के तहत कार्रवाई की है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित पंचायत सचिवों का आचरण सरकारी सेवक के दायित्वों के विपरीत है और इससे शासन की योजनाओं एवं जनसेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित पंचायत सचिवों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा आवश्यक प्रतिवेदन जिला पंचायत राज शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।







