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बाढ़ से निपटने की तैयारी अंतिम चरण में, प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने अधिकारियों को दिया अलर्ट मोड में रहने का निर्देश

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पिपरिया और सूर्यगढ़ा पर विशेष फोकस, 20 हजार अतिरिक्त पॉलिथीन शीट की मांग; राहत-बचाव व्यवस्था की हुई व्यापक समीक्षा

लखीसराय। मानसून सीजन से पहले संभावित बाढ़ और सुखाड़ की चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री सह लखीसराय के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।


बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में चल रही बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिपरिया और सूर्यगढ़ा प्रखंडों को संभावित रूप से अधिक संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए वहां विशेष तैयारी की जा रही है। सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र सक्रिय हैं तथा उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। बाढ़ के दौरान उपयोग में आने वाली नाव, लाइफ जैकेट, महाजाल और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासन ने राहत सामग्री की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है। वर्तमान में जिले में 13 हजार पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं, जबकि संभावित जरूरत को देखते हुए 20 हजार अतिरिक्त शीट की मांग भेजी गई है। इसके अलावा बाढ़ आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोई केंद्रों, मानव एवं पशु चिकित्सा सेवाओं तथा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की तैयारी भी की जा रही है। बैठक में यह जानकारी दी गई कि जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर चल रहा है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स नियमित बैठकें कर रही है, जबकि समुदाय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के माध्यम से खोज एवं बचाव कार्यों के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही है।

प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि जोखिम कम करने, त्वरित प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास—इन चारों पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को खाद्यान्न, दवाइयों और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंत्री ने एसडीआरएफ की टीमों के आगमन के बाद स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई, ताकि आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने कंट्रोल रूम की प्रभावी निगरानी, मजबूत संचार व्यवस्था और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर भी जोर दिया।

साथ ही उन्होंने आवश्यक सामग्री की खरीद प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने, अतिरिक्त पॉलिथीन शीट का भंडारण करने और बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि सभी विभाग समन्वित तरीके से कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन की प्रतिक्रिया त्वरित, प्रभावी और जनहित में हो। बैठक का समापन बिहार गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन शशि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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