बाढ़ के उमानाथ घाट के पास बड़ा हादसा, परवल तोड़ने जा रहे मजदूरों से भरी डेंगी बीच धारा में पलटी
बाढ़ (पटना)। बाढ़ के उमानाथ गंगा घाट के समीप गंगा नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों में एक महिला तथा पिता-पुत्र शामिल हैं। वहीं कई लोगों की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। गंगा किनारे परिजनों की चीख-पुकार और अपनों के मिलने की उम्मीद में टिकी निगाहें हर किसी को भावुक कर रही हैं।

परवल तोड़ने जा रहे थे, बीच धारा में पलटी नाव
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह 14 से 15 खेतिहर मजदूर एक छोटी डेंगी नाव पर सवार होकर गंगा पार दियारा क्षेत्र में परवल की फसल तोड़ने जा रहे थे। उमानाथ घाट से कुछ दूरी पर पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर बीच धारा में पलट गई।
नाव पलटते ही सभी लोग गंगा नदी में गिर पड़े। हादसे के बाद नदी किनारे अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार गूंज उठी।

स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद नाविक और ग्रामीण अपनी नावों के साथ राहत कार्य में जुट गए। उनकी तत्परता से कई लोगों की जान बच गई। सात लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कुछ लोग तेज धारा में लापता हो गए।
पिता-पुत्र समेत तीन शव बरामद
बचाव अभियान के दौरान अब तक एक महिला और पिता-पुत्र के शव बरामद किए जा चुके हैं। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

NDRF ने संभाला मोर्चा, जिलाधिकारी भी पहुंचे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम मौके पर पहुंच गई है और गंगा नदी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों और विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। वहीं पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

घाट पर पसरा मातम, अपनों का इंतजार
उमानाथ घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जमा हैं। हर गुजरते पल के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा। फिलहाल गंगा नदी में NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।










