18 साल की शादीशुदा जिंदगी में दर्द, हिंसा और अब जिंदगी की जंग
लखीसराय/जमुई। दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। गंभीर रूप से झुलसी महिला का इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में चल रहा है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि घटना के कई दिनों बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि कवैया थाना में फर्द बयान दर्ज कराया जा चुका है।

शादी के कुछ महीनों बाद शुरू हो गई थी प्रताड़ना
पीड़िता पूनम देवी मूल रूप से लखीसराय जिले के रामचंद्रपुर की रहने वाली हैं। करीब 18 वर्ष पूर्व उनकी शादी जमुई जिले के सनकुरहा गांव में सामाजिक रीति-रिवाज और दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के समय वर पक्ष की सभी मांगें पूरी की गई थीं, लेकिन कुछ महीनों बाद ही अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई। परिवार का आरोप है कि पति और ससुराल पक्ष के लोग लगातार मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। मांग पूरी करने के लिए मायके वालों ने अपनी जमीन बेचकर बाइक खरीदकर दी, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। महिला के साथ लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता रहा।

शराब के नशे में मारपीट का आरोप
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उसका पति अक्सर शराब के नशे में घर आता था और मामूली बातों पर मारपीट करता था। कई बार पंचायत स्तर पर समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं आया। परिजनों के मुताबिक, वर्षों से चली आ रही प्रताड़ना ने अब एक खौफनाक मोड़ ले लिया।

“पेट्रोल डालकर आग लगा दी”, बेटी भी बनी निशाना
पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि 10 मई को पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों ने मिलकर उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आरोप यह भी है कि घटना के दौरान उसकी बेटी पर भी पेट्रोल डाला गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई। महिला को स्थानीय अस्पताल में केवल प्राथमिक उपचार कराया गया, जबकि चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज और आईसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी थी।

खेत में फेंकने का आरोप, नानी को किया फोन
पीड़िता के परिवार का दावा है कि 23 मई की रात उसके साथ दोबारा मारपीट की गई और बाद में उसे खेत में फेंक दिया गया। किसी तरह मौका मिलने पर उसने अपनी नानी को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही उसके भाई और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और उसे वहां से निकालकर लखीसराय लेकर आए। इसके बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

फर्द बयान दर्ज, कार्रवाई का इंतजार
पीड़िता के पक्ष से कवैया थाना में फर्द बयान दर्ज कराया गया है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी या किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो पीड़िता को इतना अत्याचार नहीं झेलना पड़ता। अब वे प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले में अब तक संबंधित थाना या पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की ओर से बयान आने के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियां और स्पष्ट हो सकेंगी। फिलहाल सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही पूनम देवी न्याय की आस लगाए हुए है, जबकि परिजन आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।









