लखीसराय। सावन की तीसरी सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने अशोकधाम पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ सोमवार की सुबह अचानक हादसे में बदल गई। लखीसराय के प्रसिद्ध इंद्रदमनेश्वर महादेव अशोकधाम मंदिर में मची भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 22 श्रद्धालु घायल हुए हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर से लेकर लखीसराय सदर अस्पताल तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

शुरुआती जानकारी के अनुसार अशोकधाम रेलवे स्टेशन के आसपास श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर मंदिर की ओर भेजा जा रहा था। इसी दौरान एक साथ दो ट्रेनों के पहुंचने से श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। पहले से मौजूद भीड़ में अचानक भारी दबाव बन गया। प्रशासन के अनुसार घटना की एक बड़ी वजह बिजली का पोल गिरने के बाद फैली अफवाह और उसके कारण पैदा हुई अफरा-तफरी रही।

बिजली के पोल और करंट की अफवाह से बिगड़े हालात

प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं की कतार के आसपास बिजली का एक पोल गिर गया। इसके बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार गिर गया है और उसमें करंट दौड़ रहा है।

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अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में अचानक दहशत फैल गई। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान महिलाओं की कतार की तरफ भीड़ का दबाव बढ़ गया और बैरिकेडिंग टूट गई। कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बैरिकेडिंग टूटने और लोगों के एक-दूसरे के ऊपर गिरने की बात कही है।

दो मिनट में बदल गया सबकुछ

घटना के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं को एंबुलेंस से लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

सात महिलाओं की मौत

इस दर्दनाक हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई है। Lakhisarai Live को उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार मृतकों के नाम और पता इस प्रकार हैं— 1. मनमाला देवी (44 वर्ष), पति- निरंजन कुमार, बड़हिया वार्ड नंबर 12, लखीसराय 2. रिंकू देवी (50 वर्ष), पति- नीरज यादव, बऊटोला फरदा, मुंगेर 3. हेमलता देवी (55 वर्ष), पति- सुरेंद्र यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय 4. ललिता देवी (50 वर्ष), पति- गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय 5. सविता कुमारी (35 वर्ष), पति- रणवीर यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय 6. सरोज देवी (65 वर्ष), पति- जनार्दन सिंह, बकांवा भदौर, पटना 7. सावित्री देवी (49 वर्ष), पति- मोहन यादव, चननिया, लखीसराय एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव की तीन महिलाओं—हेमलता देवी, ललिता देवी और सविता कुमारी—की एक साथ मौत हो गई। परिजनों के अनुसार तीनों एक ही परिवार की थीं और आपस में गोतनी थीं। तीनों सावन की तीसरी सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने अशोकधाम पहुंची थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक साथ मंदिर जाने वालीं ये तीन महिलाएं वापस घर नहीं लौटेंगीं। प्रतापपुर गांव में हादसे की खबर पहुंचते ही मातम पसर गया। एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

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उपलब्ध सूची के अनुसार हादसे में घायल श्रद्धालुओं की संख्या 22 है। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। घायलों के नाम और पता: 1. गुंजन कुमारी (12), पिता- राजाराम शर्मा 2. तन्नु कुमारी (22), पिता- राजाराम शर्मा 3. कमली देवी (45), राजाराम शर्मा, बालगुदर 4. मौसम कुमारी (21), पिता- ललन साव, लक्ष्मीपुर, बड़हिया 5. कुमकुम देवी (50), पति- सुबोध राम, नया टोला, लखीसराय 6. मोनी कुमारी (16), पिता- मनीष मंडल 7. मोनी कुमारी (18), पिता- सोहन मंडल, धर्मरायचक वार्ड नंबर 6, लखीसराय 8. शिवानी कुमारी (15), पिता- राजेश राम, खुटहा डीह, बड़हिया 9. विमला देवी (35), पति- विनोद कुमार, स्टेशन रोड, मोकामा 10. सविता देवी (40), पति- सुधीर सिंह, बकमा, पटना 11. रीना देवी (40), पति- राजेश सिंह, बभनगामा, लखीसराय 12. मुस्कान कुमारी (18), पिता- ललन राम, भोला टोला, लखीसराय 13. रागिनी कुमारी (20), पिता- अशोक कुमार सिंह, बकमा, पटना 14. रेणु देवी (50), पति- अवधेश सिंह, बकमा, पटना 15. टूटू कुमारी (15), पिता- शिवनंदन राम, पचना रोड, वार्ड नंबर 19, लखीसराय 16. संध्या कुमारी (16), पिता- सकलदेव राम, वार्ड नंबर 19, लखीसराय 17. खुशी कुमारी (15), पिता- सकलदेव राम, वार्ड नंबर 19, लखीसराय 18. पिंकी कुमारी (16), पिता- पंकज साव, नवाबगंज, सूर्यगढ़ा 19. अमेरिका देवी (65), पति- राजाराम चौधरी, पुरवारी टोला, फरदा, मुंगेर 20. लूटो देवी (55), पति- तेतर साव, कोर्ट एरिया, लखीसराय 21. रामपरी देवी (50), पति- पप्पू यादव, मुड़वरिया, लखीसराय 22. ममता देवी (25), पति- दारो यादव, चननिया, सूर्यगढ़ा खास बात: घायल सूची में संध्या कुमारी और खुशी कुमारी दोनों वार्ड नंबर 19, लखीसराय की हैं और उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों बहनें हैं।

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मौके पर पहुंचे डीएम, एसडीएम और एसडीपीओ

घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। डीएम शैलेन्द्र कुमार, एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत और बचाव कार्य तेज किया गया। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डीएम के अनुसार तीसरी सोमवारी को लेकर प्रशासन की टीम पहले से तैनात थी, लेकिन दो ट्रेनों के एक साथ पहुंचने से श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक काफी बढ़ गई।

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सदर अस्पताल पहुंचे कमिश्नर और डीआईजी

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर के कमिश्नर प्रेम सिंह मीणा और डीआईजी राकेश कुमार भी लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज की जानकारी ली। अस्पताल में मृतकों के परिजनों और घायलों के पहुंचने के बाद काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

अशोकधाम हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने हादसे पर दुख जताया है।

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हादसे ने भीड़ प्रबंधन पर खड़े किए सवाल

अशोकधाम में हुई घटना ने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सावन की सोमवारी पर अशोकधाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही, प्रवेश और निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। फिलहाल प्रशासन घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच में जुटा है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि भगदड़ की मुख्य वजह क्या रही और भीड़ को नियंत्रित करने में कहां चूक हुई।

एक साथ मंदिर पहुंचीं तीन गोतनी, घर लौटीं तीन अर्थियां

अशोकधाम की यह घटना सिर्फ सात परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे लखीसराय के लिए गहरा सदमा है। खासकर प्रतापपुर गांव में एक ही परिवार की तीन महिलाओं—हेमलता, ललिता और सविता—की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। जिस परिवार की तीन महिलाएं सावन की सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने निकली थीं, उसी परिवार में अब तीनों के शव पहुंचने का इंतजार है। आस्था के पर्व पर हुआ यह हादसा कई परिवारों की जिंदगी में ऐसा दर्द छोड़ गया है, जिसे भूल पाना आसान नहीं होगा।