लखीसराय। लखीसराय में ₹3.36 लाख के ATM फ्रॉड मामले में गिरफ्तार चंदन सिंह से पुलिस पूछताछ में कथित ATM ठगी के तरीके और नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ में पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक चंदन सिंह ने कोलकाता और राजस्थान में भी ATM फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई है। इतना ही नहीं, उसने पुलिस को बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में भी इस तरह की ठगी धड़ल्ले से की जाती है। पुलिस के मुताबिक, चंदन ने पूछताछ में यह भी बताया कि इस पूरे खेल में एक-दो नहीं, बल्कि तीन से चार लोग मिलकर घटना को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे ATM की तलाश करते थे, जहां आम लोगों की आवाजाही कम हो, ATM पर सुरक्षा गार्ड नहीं रहता हो और आसानी से वारदात को अंजाम दिया जा सके।

ATM मशीन में पहले से बिछाया जाता था जाल

पूछताछ में सामने आए कथित तरीके के अनुसार, गिरोह का एक सदस्य ATM के उस हिस्से में फेवीक्विक लगा देता था, जहां ग्राहक अपना ATM कार्ड डालता है। इसके बाद गिरोह का सदस्य ATM के अंदर या आसपास इस तरह मौजूद रहता था कि किसी को उस पर शक न हो। जब कोई व्यक्ति पैसे निकालने पहुंचता, तो आरोपी खुद के पैसे गिनने का नाटक करता था, ताकि देखने वाले को लगे कि वह भी सामान्य ग्राहक है। ग्राहक जैसे ही ATM में अपना कार्ड डालकर PIN नंबर टाइप करता, गिरोह का सदस्य उसकी नजर बचाकर PIN देख लेता था।

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फोटो: लखीसराय लाइव
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कार्ड फंसते ही शुरू होता था असली खेल

पुलिस पूछताछ के अनुसार, पैसे निकालने के बाद जब ग्राहक अपना ATM कार्ड बाहर निकालने की कोशिश करता तो फेवीक्विक की वजह से कार्ड मशीन में फंसा रहता था। यहीं से ठग अपना अगला दांव चलता था। गिरोह का सदस्य ग्राहक से कहता था कि ATM मशीन पर लिखे कस्टमर केयर नंबर पर फोन कर मदद लें। लेकिन कथित तौर पर वह नंबर बैंक का नहीं, बल्कि ठगों द्वारा ही लगाया गया फर्जी नंबर होता था। ग्राहक जब उस नंबर पर फोन करता तो उसे किसी दूसरे स्थान पर जाने या कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा जाता था।

ग्राहक के हटते ही चाकू से निकालते थे कार्ड

पुलिस के अनुसार, जैसे ही ग्राहक ATM से दूर चला जाता था, गिरोह के सदस्य चाकू या अन्य सामान की मदद से मशीन में फंसा ATM कार्ड निकाल लेते थे। इसके बाद कार्ड और पहले से हासिल किए गए PIN की मदद से दूसरे ATM या अन्य माध्यम से रकम निकालने का कथित खेल शुरू होता था। पूछताछ में स्वाइप मशीन के जरिए भी रकम निकासी की बात सामने आई है। यानी कुछ ही मिनटों में पूरा खेल इस तरह तैयार किया जाता था कि पीड़ित को तब तक ठगी का अंदाजा नहीं लगता, जब तक उसके खाते से रकम निकल नहीं जाती।

कावंड़िया वस्त्र में गिरफ्तार चंदन
कावंड़िया वस्त्र में गिरफ्तार चंदन फोटो: लखीसराय लाइव

कोलकाता और राजस्थान तक पहुंची ठगी की कहानी

लखीसराय पुलिस की पूछताछ में चंदन सिंह ने कोलकाता और राजस्थान में भी इसी तरह की ATM फ्रॉड घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है, ऐसा पुलिस पूछताछ में सामने आया है। इसके साथ ही उसने गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह की घटनाएं होने की जानकारी दी है। इससे पुलिस के सामने अब यह सवाल भी है कि क्या चंदन सिंह से जुड़े कथित नेटवर्क ने इससे पहले कई ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है, जिनकी शिकायत पुलिस तक पहुंची ही नहीं या जिनमें आरोपी की पहचान नहीं हो सकी।

बाबाधाम जाने के दौरान पुलिस ने दबोचा

इस मामले में चंदन सिंह की गिरफ्तारी बांका जिले के कटोरिया से की गई। पुलिस के मुताबिक वह अपने परिवार के साथ बाबाधाम जाने के लिए रास्ते में था, तभी बिहार एसटीएफ और लखीसराय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस समय चंदन अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जाने की तैयारी में था, उसी समय एसटीएफ की कार्रवाई ने उसकी यात्रा को जेल की ओर मोड़ दिया।

लखीसराय की एक वारदात ने खोल दिया बड़ा राज

पुलिस के अनुसार, लखीसराय में रोहित कुमार के ATM कार्ड से जुड़ी ठगी की घटना की जांच के दौरान चंदन सिंह तक पहुंच बनी। इस मामले में पीड़ित के खाते से ₹3 लाख 36 हजार की निकासी हुई थी। लेकिन अब पूछताछ में सामने आए कथित खुलासों के बाद जांच का दायरा सिर्फ लखीसराय की उस एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है। कोलकाता, राजस्थान और अन्य इलाकों में हुई संभावित ATM ठगी की घटनाओं से भी कनेक्शन खंगाला जा रहा है। जबकि बिहार झारखंड सहित कुल 13 मामलों में इसकी संलिप्तता की पुष्टि पुलिस ने पहले ही कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चंदन के साथ इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और अब तक कितने लोगों को इस तरीके से निशाना बनाया गया।

आखिर क्या था पूरा मामला?

दरअसल, 19 जुलाई को लखीसराय के कबैया थाना क्षेत्र में रोहित कुमार केनरा बैंक के ATM से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका ATM कार्ड मशीन में फंस गया। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए उन्हें मदद का भरोसा दिया गया। इसी दौरान उनका कार्ड ठगों के हाथ लग गया और बाद में उनके खाते से ₹3.36 लाख की रकम निकाल ली गई। मामले की शिकायत के बाद कबैया थाना पुलिस ने जांच शुरू की। CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस चंदन सिंह तक पहुंची। इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई और आखिरकार बांका के कटोरिया से बाबाधाम जाते समय उसकी गिरफ्तारी की गई। अब पूछताछ में सामने आए कथित खुलासों ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक ATM फ्रॉड की जांच ने कोलकाता और राजस्थान तक के कनेक्शन की जानकारी पुलिस के सामने ला दी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर ऐसे और मामलों का पता चल सकता है, जिनमें आरोपी का नाम पुलिस रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाया। फिलहाल पुलिस आगे की तफ्तीश में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा दूसरे राज्यों में संभावित ATM फ्रॉड मामलों से जुड़े कनेक्शन की जांच की जा रही है।