लखीसराय। खेतों में धान की रोपनी चल रही थी, आसमान में बादल छाए थे और अचानक हल्की बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण बारिश से बचने के लिए खेतों से निकलकर घर की ओर बढ़ ही रहे थे कि आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी। देखते ही देखते लखीसराय के चानन प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने तीन महिलाओं की जिंदगी छीन ली, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। इस आसमानी आफत में चार पशुओं की भी मौत हो गई। मंगलवार को हुई इन घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में चीख-पुकार मच गई। कहीं खेत में काम कर रही महिलाएं इसकी चपेट में आईं तो कहीं घर और मवेशी बिजली गिरने से प्रभावित हुए।

धान की रोपनी कर घर लौट रही थीं महिलाएं, तभी गिरी बिजली

जानकारी के अनुसार, बन्नू बगीचा गांव में श्री यादव की पत्नी रुद्र देवी (45) और सुल्तान यादव उर्फ सुरेश यादव की पुत्री कोमल कुमारी (17) धान की रोपनी कर रही थीं। इसी दौरान मौसम अचानक बिगड़ गया। हल्की बारिश के साथ आसमान में तेज गर्जना होने लगी। बारिश और गर्जना बढ़ती देख दोनों खेत से निकलकर घर की ओर जाने लगीं। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही अचानक वज्रपात हो गया और दोनों इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में रुद्र देवी और कोमल कुमारी की मौत हो गई। इसी घटना में सुल्तान यादव की पत्नी धनमंती देवी भी वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

हादसे के बाद परिवार में छाया मातम
हादसे के बाद परिवार में छाया मातम फोटो: लखीसराय लाइव
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शिवडीह में सहायिका की गई जान

वहीं, संग्रामपुर पंचायत के शिवडीह गांव में भी वज्रपात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। यहां अनिल पंडित की 40 वर्षीय पत्नी अनुसूया देवी की बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया गया कि अनुसूया देवी सहायिका के पद पर कार्यरत थीं। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।

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इंसानों के साथ मवेशी भी बने आसमानी आफत का शिकार

मंगलवार को वज्रपात ने पशुओं को भी अपनी चपेट में लिया। भंडार गांव में टुनटुन मांझी के दो बैलों की बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं बतसपुर गांव में दुखी यादव की दुधारू भैंस भी वज्रपात की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। इसके अलावा महेशपुर गांव में शंभू दास के घर पर भी वज्रपात हुआ। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

तीन महिलाओं की मौत से गांवों में मातम

एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात की घटनाओं में तीन महिलाओं की मौत के बाद संबंधित गांवों में मातम पसरा हुआ है। खेतों में धान की रोपनी के दौरान मौसम खराब होने से ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। पुलिस की ओर से बताया गया कि सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वज्रपात की इन घटनाओं ने एक बार फिर बारिश के दौरान खुले खेतों और ग्रामीण इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। खासकर आसमान में गर्जना शुरू होने पर लोगों को खेत, खुले मैदान और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।