लखीसराय जिले में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर पॉक्सो एक्ट और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बैठक सोमवार को डालसा सचिव विधानन्द सागर के प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। बैठक का आयोजन लखीसराय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सैय्यद मोहम्मद शब्बीर आलम के निर्देश पर किया गया।
स्कूलों में बनेगा लीगल अवेयरनेस कॉर्नर
बैठक में “जागृति स्कीम 2025” और पॉक्सो एक्ट-2012 के तहत बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। स्कूल परिसरों में लीगल अवेयरनेस कॉर्नर चिन्हित करने और हेल्प बॉक्स स्थापित करने का निर्देश दिया गया, ताकि छात्र-छात्राएं किसी भी समस्या की जानकारी सुरक्षित तरीके से दे सकें। साथ ही हेल्पलाइन नंबर और अन्य जरूरी संपर्क नंबर विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।
नुक्कड़ नाटक और ऑडियो-वीडियो के जरिए जागरूकता
बैठक में यह सहमति बनी कि स्कूलों में पॉक्सो एक्ट और “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” अभियान को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके तहत नुक्कड़ नाटक, ऑडियो-वीडियो विजुअल्स, विशेष जागरूकता सत्र और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।अधिकारियों ने कहा कि केवल बच्चों ही नहीं बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी संवेदनशील बनाना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों में माता-पिता के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
जिले के कई प्रमुख स्कूलों के प्रधानाचार्य हुए शामिल
बैठक में जिले के कई प्रमुख सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे। इनमें गोविन्द भविष्य भारती शिक्षा सेवा सदन, नाथ पब्लिक स्कूल, डॉ. भीमराव अंबेडकर बालिका आवासीय उच्च विद्यालय बिहरौरा, पब्लिक उच्च विद्यालय सूर्यगढ़ा, राजकीय हसनपुर उच्च विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय बन्नूबगीचा, आर. लाल कॉलेज, उच्च माध्यमिक विद्यालय किउल खगौर एवं बालिका विद्यापीठ विद्या भवन लखीसराय के प्रधानाचार्य शामिल हुए।









