लखीसराय में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो दिल को छू लेने वाली है। नया बाजार इलाके में कचरे के ढेर के पास झाड़ियों में झोले में मिली मासूम ‘परी कुमारी’ को अब अपना परिवार मिल गया है।………

27 अप्रैल 2026 को विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, लखीसराय में उसकी अंतिम दत्तक प्रक्रिया पूरी कर दी गई। डीएम शैलेन्द्र कुमार ने बच्ची को गोद लेने वाले दंपति को विधिवत सौंपा। जानकारी के मुताबिक, यह दंपति ओडिशा के कालाहांडी जिले का रहने वाला है और भारतीय स्टेट बैंक, नवी मुंबई में वरीय पद पर कार्यरत है।

इससे पहले 22 दिसंबर 2025 को प्री-अडॉप्शन फोस्टर केयर के तहत बच्ची को इन्हें सौंपा गया था, जहां उन्होंने पूरी जिम्मेदारी से उसकी देखभाल की। अब सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को स्थायी परिवार मिल गया है। गौर करने वाली बात है कि 31 जुलाई 2025 को यह बच्ची गोपाल भंडार गली, नया बाजार में कचरे के ढेर के पास परित्यक्त हालत में मिली थी। इसके बाद प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई ने उसे संरक्षण में लिया और पूरी प्रक्रिया पूरी कराई।

इस पूरे काम में डीएम शैलेन्द्र कुमार और जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक बंदना पांडेय की अहम भूमिका रही। मौके पर समन्वयक मीनाक्षी कुमारी, सोशल वर्कर मुकेश कुमार और नर्स स्वाति कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।……..
लखीसराय में यह कहानी अब चर्चा में है—जहां एक तरफ बेबसी थी, वहीं दूसरी तरफ इंसानियत ने एक मासूम को नई जिंदगी दे दी।








