लखीसराय। लखीसराय डीएम शैलेन्द्र कुमार के निर्देश पर बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार की अध्यक्षता में लंबित सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी एवं संबंधित मिलर उपस्थित हुए। बैठक के दौरान लंबित सीएमआर को शीघ्र जमा कराने पर विशेष जोर दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जो भी मिलर निर्धारित समय सीमा के भीतर सीएमआर जमा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सभी मिलरों को आगामी एक सप्ताह के भीतर कार्य में तेजी लाकर लंबित सीएमआर जमा करने का आदेश दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि अगले सप्ताह पुनः समीक्षा बैठक कर प्रगति की विस्तृत जांच की जाएगी। इस दौरान कुछ मिलरों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कार्य प्रभावित होने की बात रखी।

इस पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने संबंधित समस्या के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सीएमआर क्या होता है, समझिए
सीएमआर (Custom Milled Rice) वह चावल होता है, जिसे सरकार द्वारा किसानों से खरीदे गए धान को राइस मिलों में तैयार कराया जाता है। मिलरों को निर्धारित मात्रा में धान दिया जाता है, जिसके बदले तय गुणवत्ता और मात्रा में चावल तैयार कर सरकार को जमा करना होता है। इसी प्रक्रिया से तैयार चावल को सीएमआर कहा जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) एवं सरकारी खाद्यान्न योजनाओं में किया जाता है।








