लखीसराय। जनहित के मुद्दों को लेकर तीन दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता कमल किशोर सिंह का अनशन आखिरकार प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान एसडीएम प्रभाकर कुमार पहुंचे और जिला प्रशासन की ओर से वार्ता की।

एसडीएम प्रभाकर कुमार ने कहा कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर वह अस्पताल पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच सरकार एवं विभागीय स्तर पर चल रही है। साथ ही संबंधित निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद कमल किशोर सिंह ने अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त कर दिया। मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू योगी एवं गुड्डू कुमार ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान सदर अस्पताल के उपाधीक्षक अमित कुमार, अस्पताल मैनेजर नन्द किशोर भारती एवं डॉक्टर आलोक कुमार भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि कमल किशोर सिंह लखीसराय बाइपास पुल सहित जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि करोड़ों की लागत से बने पुलों की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। तीन दिनों तक प्रशासनिक अधिकारियों के अनशन स्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। हालांकि तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अंततः वार्ता के बाद अनशन समाप्त कराया गया।








