सूर्यगढ़ा, लखीसराय। सूर्यगढ़ा खेल मैदान जलजमाव की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप ले चुकी है। बारिश शुरू होते ही प्रखंड का प्रमुख खेल मैदान लगभग 70 प्रतिशत पानी में डूब गया है। इसके कारण सेना, पुलिस, एसएससी, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी करने वाले सैकड़ों युवाओं का नियमित अभ्यास प्रभावित हो गया है। मजबूरी में अब युवा राष्ट्रीय राजमार्ग-80 पर दौड़कर अपनी तैयारी कर रहे हैं, जहां तेज रफ्तार वाहनों के बीच हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

हाईवे पर दौड़ने को मजबूर युवा

स्थानीय युवाओं ने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह तीन बजे से ही दौड़, लंबी कूद और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी के लिए मैदान पहुंचते हैं। लेकिन जलजमाव के कारण अब उन्हें हाईवे पर अभ्यास करना पड़ रहा है। अंधेरे में ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के बीच दौड़ लगाना जोखिम भरा साबित हो रहा है।

जलजमाव से प्रभावित सूर्यगढ़ा खेल मैदान में अभ्यास नहीं कर पा रहे युवा
जलजमाव से प्रभावित सूर्यगढ़ा खेल मैदान में अभ्यास नहीं कर पा रहे युवाफोटो: लखीसराय लाइव

हर साल होती है यही समस्या

स्थानीय युवक अमन कुमार रामभक्त ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष बरसात के दौरान पूरा मैदान जलमग्न हो जाता है। कई बार नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि मैदान की देखरेख की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के कारण वर्षों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थायी समाधान की उठी मांग

स्थानीय युवक श्याम कुमार ने बताया कि मैदान आसपास के क्षेत्र से नीचा होने के कारण बारिश का पानी जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि मैदान में बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई कर इसे ऊंचा किया जाए और चारों ओर बेहतर जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए। इसके लिए विधायक निधि या सांसद निधि से विशेष योजना चलाने की मांग की गई है।

युवाओं के भविष्य से जुड़ा है यह मैदान

युवाओं का कहना है कि सूर्यगढ़ा का यह मैदान केवल खेल गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि सेना, पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों का सपना देखने वाले युवाओं के भविष्य की नींव है। यहां से कई युवाओं का चयन विभिन्न सेवाओं में हो चुका है। ऐसे में मैदान की बदहाल स्थिति सीधे तौर पर उनके करियर को प्रभावित कर रही है। युवाओं ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित माहौल में अपनी तैयारी जारी रख सकें।

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