Crime IPL Bihar Cabinet expansion Iran-Israel War बॉलीवुड बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश अन्य

आठ दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम, महंगाई की नई मार से परेशान आम लोग

---Advertisement---

युद्ध, तेल संकट या सरकार की नीतियां? आखिर क्यों लगातार बढ़ रहे ईंधन के दाम

नई दिल्ली/लखीसराय। देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। पिछले आठ से दस दिनों के भीतर लगातार तीसरी बार तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। शनिवार सुबह जारी नई दरों के बाद पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया। नई कीमत लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। मुंबई, पटना, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में कीमतें इससे भी ज्यादा हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में भी पिछले 48 घंटे के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। कई जगहों पर सीएनजी 3 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इसकी असली वजह क्या है। क्या यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय हालात का असर है या फिर सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठना चाहिए?

अंतरराष्ट्रीय युद्ध और तेल संकट का असर

आर्थिक जानकारों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को प्रभावित किया है। ईरान, खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए वैश्विक बाजार में हलचल का सीधा असर देश की जनता पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई है। यही कारण है कि कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं।

सरकार पर भी उठ रहे सवाल

हालांकि विपक्ष और कई आर्थिक विशेषज्ञ इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। उनका कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल पर केंद्र और राज्य सरकारें भारी टैक्स वसूलती हैं। अगर टैक्स में थोड़ी कटौती की जाए तो जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले कच्चा तेल सस्ता हुआ था, तब आम लोगों को उतनी राहत क्यों नहीं मिली। अब जैसे ही वैश्विक बाजार में हलचल हुई, कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं।

आम आदमी की जेब पर सीधा असर

पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जी, फल, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। ऑटो, बस और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका है।
वहीं डीजल महंगा होने से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि खेती और सिंचाई में डीजल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। सीएनजी महंगी होने से शहरों में चलने वाले ऑटो चालकों और दैनिक यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर देश की महंगाई दर पर पड़ेगा। फिलहाल लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है और लोग राहत की उम्मीद में सरकार की ओर देख रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

बाढ़ से निपटने की तैयारी अंतिम चरण में, प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने अधिकारियों को दिया अलर्ट मोड में रहने का निर्देश

6 साल में ही दरक गया लखीसराय का लाइफलाइन ROB, जांच के घेरे में इंजीनियर और संवेदक, प्रधान सचिव ने दिए कार्रवाई के संकेत

लखीसराय के प्रो. अनिल कुमार ने संभाली बिहार की विरासत की कमान, बने कार्यपालक निदेशक

लखीसराय के दिव्यांग अधिवक्ता रवि ने बढ़ाया जिले का मान, भारतीय विधि संस्थान दिल्ली में पीएचडी के लिए हुआ चयन

अशोका एकेडमी का तीन दिवसीय निःशुल्क समर कैंप संपन्न, बच्चों ने सीखने के साथ किया भरपूर मनोरंजन

अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर बिहार गौरव क्विज प्रतियोगिता, 155 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

Leave a Comment