सरकार बचाने वालों पर मेहरबान सम्राट सरकार, मिला राज्य के उप मंत्री का दर्जा
पटना/लखीसराय: बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा में रहे नेताओं को आखिरकार सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा राजनीतिक सम्मान दे दिया है। बिहार सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लखीसराय के कद्दावर नेता एवं सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक प्रहलाद यादव, मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी और नबीनगर से विधायक चर्चित युवा चेहरा चेतन आनंद को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि समिति के सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा दिया गया है। इसे राजनीतिक गलियारों में सीधे तौर पर “सरकार बचाने वालों को इनाम” के रूप में देखा जा रहा है।
संकट के समय सरकार के साथ खड़े रहे थे ये नेता
बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन और समीकरण बदलने के दौर में जिन नेताओं ने खुलकर एनडीए का समर्थन किया था, उनमें प्रहलाद यादव, चेतन आनंद और नीलम देवी प्रमुख नाम थे। जब सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, तब इन नेताओं ने न सिर्फ खुलकर सत्ता पक्ष का समर्थन किया बल्कि विपक्ष के तमाम आरोपों के बीच सरकार के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे। अब इन्हें मंत्री स्तर की सुविधाओं वाला दर्जा देकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि संकट में साथ देने वालों को नजर अंदाज नहीं किया जाएगा।

सूर्यगढ़ा सीट पर प्रहलाद यादव के पक्ष में खुलकर आए थे विजय कुमार सिन्हा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सूर्यगढ़ा विधानसभा सीट को लेकर एनडीए के अंदर टिकट बंटवारे की चर्चा काफी तेज थी। उस दौरान लखीसराय जिले के कद्दावर नेता प्रहलाद यादव का नाम प्रमुखता से सामने आया था। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बिहार के वरिष्ठ नेता और लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा कई बार खुलकर प्रहलाद यादव के समर्थन में सामने आए थे। सिर्फ चुनावी चर्चा ही नहीं, बल्कि कई मौकों पर विजय कुमार सिन्हा को अपनी ही सरकार के भीतर प्रहलाद यादव के पक्ष में आवाज उठाते देखा गया। इसी वजह से प्रहलाद यादव लगातार सत्ता के भीतर मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते रहे हैं। अब राज्य के उप मंत्री का दर्जा मिलने के बाद उनकी राजनीतिक ताकत और बढ़ी मानी जा रही है।
चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने पर नाराज हुए थे आनंद मोहन
सम्राट चौधरी कैबिनेट के गठन के समय चेतन आनंद का नाम मंत्री पद की रेस में काफी आगे माना जा रहा था। लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन खुलकर सामने आए थे। उन्होंने कई मंचों से संकेतों में अपनी नाराजगी जाहिर की थी और चेतन आनंद को मंत्री पद नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए गए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब राज्य के उप मंत्री का दर्जा देकर सरकार ने उस नाराजगी को संतुलित करने की कोशिश की है।
नीलम देवी को भी मिला बड़ा राजनीतिक संदेश
मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी भी पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में लगातार सक्रिय रही हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने खुलकर एनडीए सरकार का समर्थन किया था।
राजनीतिक समीकरणों के बीच नीलम देवी को समिति में शामिल कर सरकार ने महिला नेतृत्व और अपने समर्थक विधायकों को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।
सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बनी समिति
बिहार सरकार की अधिसूचना के अनुसार समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बनाए गए हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा संजय सरावगी और जयेश सिंह कुशवाहा को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा। वहीं प्रहलाद यादव, चेतन आनंद, नीलम देवी समेत सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा, प्रोटोकॉल और सरकारी सुविधाएं मिलेंगी।
बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी संदेश
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह सिर्फ प्रशासनिक नियुक्ति नहीं बल्कि आगामी चुनावों को देखते हुए बड़ा सियासी संदेश भी है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि जो नेता संकट के समय सत्ता के साथ खड़े रहे, उन्हें सत्ता में सम्मान भी मिलेगा। लखीसराय से लेकर पटना तक अब इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति में और गहराई से देखने को मिल सकता है।









