वियतनाम में होने वाली एशियन ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी, बिहार के लिए ऐतिहासिक पल
लखीसराय। जिले के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत बिक्कम गांव के रहने वाले सुबोध कुमार यादव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पहचान बनाई है। ग्रेपलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े सुबोध यादव का चयन ‘यूडब्ल्यूडब्ल्यू एशियन ग्रेपलिंग चैंपियनशिप 2026’ के लिए अंतरराष्ट्रीय रेफरी के रूप में किया गया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वे भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। एशियाई स्तर की यह बड़ी प्रतियोगिता आगामी 4 जून से 6 जून 2026 तक वियतनाम के दानांग शहर में आयोजित होगी, जिसमें कई देशों के खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे। ऐसे में लखीसराय के लिए यह बेहद गर्व का क्षण माना जा रहा है।
बिहार के खेल इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
जानकारी के अनुसार बिहार से पहली बार किसी रेफरी को ग्रेपलिंग की एशियाई चैंपियनशिप में ऑफिशियल जिम्मेदारी मिली है। सुबोध कुमार यादव के चयन को बिहार के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सुबोध पिछले कई वर्षों से ग्रेपलिंग खेल से जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में अपनी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण और तकनीकी अनुभव ही आज उन्हें इस मुकाम तक लेकर पहुंचा है।

खिलाड़ियों को तराशने में निभाई अहम भूमिका
सिर्फ रेफरी ही नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षक के रूप में भी सुबोध कुमार यादव ने अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2010 से वे लगातार युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि सुबोध ने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस मेहनत और अनुशासन के साथ काम किया, उसी का परिणाम है कि आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे सुबोध
सुबोध कुमार यादव एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता रामफल यादव खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ग्रामीण परिवेश और आर्थिक चुनौतियों के बीच पले-बढ़े सुबोध ने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। कड़ी मेहनत और खेल के प्रति जुनून के बल पर उन्होंने आज न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे लखीसराय जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

गुरु को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सुबोध कुमार यादव ने अपने गुरु शिव कुमार पंचाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन और प्रेरणा ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी उनका प्रयास रहेगा कि ग्रेपलिंग खेल को और आगे बढ़ाया जाए तथा गांव और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके। सुबोध यादव की इस उपलब्धि के बाद जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।









