लखीसराय। अवैध बालू खनन और पुलिस पर हमले के चर्चित मामले में लखीसराय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बालू माफिया नितेश कुमार उर्फ नीतीश कुमार को तेतरहाट थाना पुलिस ने किऊल थाना क्षेत्र के लाखोचक गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। जानकारी के अनुसार, 2 मार्च 2026 को तेतरहाट थाना पुलिस किऊल नदी में अवैध बालू खनन के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी।

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इसी दौरान बालू माफियाओं ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था और जब्त किए गए वाहन को छुड़ाकर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद तेतरहाट थाना में पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि टॉप-10 अपराधी नितेश कुमार अपने गांव लाखोचक आया हुआ है। सूचना मिलते ही तेतरहाट थाना पुलिस ने डीआईयू और एसटीएफ के सहयोग से छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

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एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि गिरफ्तार नितेश कुमार अवैध बालू खनन गिरोह का सक्रिय सदस्य है और अपने सहयोगियों के साथ किऊल नदी से अवैध बालू खनन का कारोबार करता था। 2 मार्च को छापेमारी के दौरान उसने अपने साथियों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर जब्त वाहन को छुड़ाकर भागने का प्रयास किया था। उसी मामले में वह फरार चल रहा था और जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था। पुलिस के अनुसार, नितेश कुमार पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इनमें तेतरहाट थाना का पुलिस पर हमला और अवैध बालू खनन से जुड़ा मामला, किऊल थाना में मारपीट और हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं का मामला तथा बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज केस शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस कांड में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नितेश की गिरफ्तारी को अवैध बालू खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।