लखीसराय। महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र, लखीसराय की पहल से चार वर्षीय दिव्यांग बच्चे दयूब कुमार का आधार कार्ड बन गया। लंबे समय से आधार कार्ड नहीं बनने के कारण परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही थी। आखिरकार जिला प्रशासन और महिला सशक्तिकरण केंद्र की सक्रिय पहल से यह कार्य संभव हो सका।

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई मदद की पहल

लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-33 स्थित बाजार समिति, काली पहाड़ी के परित्यक्त सरकारी भवन में रहने वाली नीतू कुमारी अपने दो बच्चों के साथ जीवन यापन करती हैं। उनका चार वर्षीय पुत्र दयूब कुमार दृष्टिबाधित होने के साथ-साथ हाथ-पैर से भी दिव्यांग है। परिवार ने कई आधार केंद्रों का चक्कर लगाया, लेकिन हर जगह निराशा हाथ लगी।

कई केंद्रों से लौटना पड़ा था निराश

स्थानीय निवासी सौरव कुमार ने फेसबुक के माध्यम से दिव्यांग बच्चे की मदद की अपील की। पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए महिला सशक्तिकरण केंद्र के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने तुरंत संपर्क किया और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू कराई।

सोशल मीडिया से मिली मदद, प्रशासन ने दिखाई तत्परता

जन्म प्रमाण पत्र की त्रुटि भी कराई गई दूर

जांच में पता चला कि जन्म प्रमाण पत्र में माता-पिता का आधार नंबर दर्ज नहीं था, जिससे आधार कार्ड बनने में बाधा आ रही थी। जिला मिशन समन्वयक के निर्देश पर लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने सदर अस्पताल से समन्वय कर जन्म प्रमाण पत्र में आवश्यक सुधार कराया। इसके बाद दयूब कुमार का आधार कार्ड सफलतापूर्वक बन गया।

परिवार ने जताया आभार, योजनाओं की भी दी गई जानकारी

आधार कार्ड बनने के बाद सौरव कुमार और दयूब कुमार के माता-पिता ने खुशी जताते हुए जिला प्रशासन एवं महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम का आभार व्यक्त किया। इस दौरान परिवार को दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कन्या उत्थान योजना, आंगनबाड़ी सेवाओं तथा महिला हेल्पलाइन 181 की भी जानकारी दी गई। इस पूरे अभियान में जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमित कुमार, नवीन कुमार, एमटीएस नवीन्द्र दास तथा समाजसेवी सौरव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।