लखीसराय। जिले के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मां ज्वालपा मंदिर के मुख्य पुजारी गोपाल शुक्ला (पंडित जी) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों एवं धार्मिक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, गोपाल शुक्ला का निधन उनके पैतृक आवास पर शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पटना में उनका इलाज कराया जा रहा था। उनकी उम्र लगभग 70 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। गोपाल शुक्ला पिछले लगभग 50 वर्षों से मां ज्वालपा मंदिर में मुख्य पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान बनाई थी। उनके निधन से मंदिर परिवार के साथ-साथ पूरे जिले ने एक सम्मानित धार्मिक व्यक्तित्व को खो दिया है। मूल रूप से किऊल थाना क्षेत्र के लाखोचक पंचायत अंतर्गत रामसिर गांव निवासी गोपाल शुक्ला अपने पीछे तीन पुत्र एवं तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पिछले कुछ समय से उनके अस्वस्थ रहने के कारण उनके पुत्र राकेश शुक्ला एवं रौशन शुक्ला मंदिर की व्यवस्था एवं पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सिमरिया घाट पर किया जाएगा। उनके निधन पर क्षेत्र के कई सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।










