लखीसराय: जिले के बड़हिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को अस्पताल में जारी एक OPD पंजीकरण पर्ची ने पूरे मामले को उजागर कर दिया। पर्ची में स्पष्ट रूप से डॉ. मनीष कुमार साहू का नाम दर्ज है, जबकि अस्पताल में मरीजों का इलाज डॉ. आशुतोष द्वारा किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि उस दिन के ड्यूटी रोस्टर में डॉ. मनीष कुमार साहू की ड्यूटी निर्धारित थी, जबकि डॉ. आशुतोष का नाम रोस्टर में शामिल नहीं था। मरीज राजीव कुमार को 10 जून 2026 को दोपहर 1:02 बजे जारी OPD पर्ची में “General Medicine OPD” के तहत चिकित्सक के रूप में डॉ. मनीष कुमार साहू का नाम अंकित है। पर्ची में कमरा संख्या 3 भी दर्ज है।

इसके बावजूद मौके पर मरीजों को देखने और परामर्श देने का कार्य दूसरे चिकित्सक द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले ने अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था, ड्यूटी रोस्टर की पारदर्शिता और मरीजों के रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी चिकित्सक की जगह दूसरे डॉक्टर को मरीज देखना था तो उसकी जानकारी रोस्टर और OPD प्रणाली में अपडेट होनी चाहिए थी। एक डॉक्टर के नाम पर पंजीकरण और दूसरे डॉक्टर द्वारा इलाज किए जाने से जवाबदेही तय करने में भी परेशानी हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी विसंगतियों पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। अब सवाल यह है कि आखिर ड्यूटी पर तैनात बताए गए चिकित्सक अस्पताल में क्यों नहीं थे और उनके नाम पर OPD पर्चियां कैसे जारी होती रहीं? वहीं रोस्टर में नाम नहीं होने के बावजूद दूसरे डॉक्टर द्वारा मरीजों को देखने की क्या आधिकारिक अनुमति थी? इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।










